नई दिल्ली: (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि पिछले हफ्ते दुनियाभर में कोरोना वायरस () के नए मामलों में 19 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि इस संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या स्थिर है। डब्ल्यूएचओ की इस रिपोर्ट पर ज्यादा खुश भी नहीं हुआ जा सकता क्योंकि दूसरी ओर ओमिक्रोन के दो नए लक्षण सामने आए हैं। इतना ही नहीं डेल्टाक्रोन (Deltacron) के रूप में कोरोना वायरस के डेल्टा और ओमीक्रोन वेरिएंट के पुनः संयोजन (Recombinant Variants of Covid) की दुनिया भर से जानकारी मिली है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने मंगलवार को जारी की गई अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले सप्ताह कोविड-19 के 1.6 करोड़ से अधिक नये मामले सामने आए, जबकि करीब 75,000 मरीजों की जान चली गई। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि दुनियाभर में कोरोना वायरस के अल्फा, बीटा, डेल्टा और अन्य स्वरूपों के मामले घटे, जबकि ओमिक्रोन के मामले बहुत बढ़े। देश में के कम होते मामलों को देखते हुए केंद्र ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से, अपने-अपने क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण के नये मामलों और संक्रमण दर पर विचार करने के बाद कोविड-19 की अतिरिक्त पाबंदियों की समीक्षा करने, संशोधन करने या उन्हें हटाने को कहा है। भारत में कोविड-19 महामारी 21 जनवरी से सतत रूप से घटने की प्रवृत्ति प्रदर्शित कर रही है। पिछले हफ्ते औसत दैनिक मामले 50,476 थे और पिछले 24 घंटे में 27,409 नये मामले सामने आए। दैनिक संक्रमण दर मंगलवार को घट कर 3.63 प्रतिशत रह गई। ओमिक्रोन के दो नए लक्षण दूसरी ओर ब्रिटेन के Zoe COVID Study के रिसर्चर्स की टीम का कहना है कि खाने से संबंधित ओमीक्रोन के दो नए लक्षण पाए गए हैं। ये दो लक्षण हैं भूख की कमी और खाना छोड़ देना। रिसर्चर्स के मुताबिक, ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित लोगों में डायरिया, पेट दर्द समेत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से जुड़े लक्षणों में तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिसर्चर्स का कहना है कि यदि खाने का मन नहीं है, तो खुद को खाने के लिए मजबूर करना जरूरी नहीं है। लेकिन लिक्विड पीते रहना बेहद जरूरी है ताकि इन्फेक्शन से लड़ाई के दौरान आपके शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद हो सके। ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने इन दो लक्षणों से जूझ रहे लोगों को सलाह दी है कि वे अपने वजन को मॉनिटर करें और वजन कम होने के संकेतों पर नजर रखें। नए वेरिएंट को लेकर क्या सलाहकोरोना वायरस के डेल्टा और ओमीक्रोन वेरिएंट के पुनः संयोजन वाले वेरिएंट को लेकर एक प्रमुख विषाणु विज्ञानी ने कहा है कि फिलहाल भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सीएसआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के वैज्ञानिक विनोद स्कारिया ने कहा कि इस समय यह बताने के लिए कोई जानकारी नहीं है कि ओमीक्रोन की तुलना में इन रीकॉम्बिनेंट्स से कोई अतिरिक्त खतरा है या नहीं। Input: Bhasha
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